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Posted By : Mukesh

💔 Nazrana Apne Dil Ka Main

Nazrana Apne Dil Ka Main Unhe Dikhau Kaise

Wo Bade Aziz Hai Mere Dil Ko Unhe Batau Kaise

Ae Kaash Ke Wo Lamha Jald Meri Jindagi Me Aaye

Wo Aankho Ke Samne Ho
Aur Hum Is Soch Me Ki In Palko Ko Jhapkau Kaise



Posted By : Mukesh

💔 Suni Kuchh Roz Uski Gali Hogi

सूनी कुछ रोज़ उसकी गली होगी,
मेरे जाने पे थोड़ी खलबली होगी ;

दिखी तो नहीं आँख थी जब तलक,
बात शायद बाद में पता चली होगी;

दिल तो कहता है दुःख हुआ होगा,
अफवाह है कि पूरियां तली होगी ;

उसके गाँव में भी दिखा होगा धुआं,… (Read More) “Suni Kuchh Roz Uski Gali Hogi”



Posted By : Mukesh

💔 Rahe Alag Par Manjil Ek Thi

राहें अलग पर मंजिल एक थी।
आकांक्षा अलग पर स्थिति एक थी।
कहीं सपनेे तो कहीं दरिये थे।
आगे बढ़ने के कम जरिये थे।

जिन्दगी की होड़ में तुझे पाने की तलब थी।
कैसे बताउँ मेरी इस तलब में एक तड़प थी।

इश्क तो आँखों में थी,
कुछ … (Read More) “Rahe Alag Par Manjil Ek Thi”